नई दिल्ली, 30 सितंबर 2026:
चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर INDIA गठबंधन ने अपने आंदोलन को तेज करने का ऐलान किया है। गठबंधन ने 2 से 8 अक्टूबर तक देशभर के जिलों में ‘लोकतंत्र बचाओ मार्च’ आयोजित करने का फैसला किया है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को नई दिल्ली में INDIA गठबंधन की बैठक के बाद यह घोषणा की। उन्होंने बताया कि 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसद चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे। विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, SIR को वापस लेने और भविष्य के चुनावों में बैलेट पेपर के इस्तेमाल सहित कई मांगें उठाई हैं।
गठबंधन ने यह भी कहा है कि उसके नेता अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर चुनावी प्रक्रिया और संस्थागत मुद्दों से जुड़ी अपनी चिंताओं को सामने रखेंगे।
INDIA गठबंधन के नेताओं के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि विपक्ष ने मध्य प्रदेश, हरियाणा, बिहार और पश्चिम बंगाल में “वोट चोरी” के मुद्दे को बार-बार उठाया है। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान कथित चुनावी हेरफेर को लेकर भी चिंता जताई।
उन्होंने कहा, “राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने बिहार में वोट चोरी का मुद्दा उठाया था। हमने मध्य प्रदेश, हरियाणा, बिहार और बंगाल के साथ-साथ 2024 के लोकसभा चुनावों में भी चुनावी हेरफेर को लेकर अपनी चिंताएं सामने रखी हैं।”
दूसरी ओर, भाजपा ने INDIA गठबंधन के आंदोलन पर सवाल उठाए हैं। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि चुनाव हारने के बाद इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं और उन्होंने इसे “हार के बाद की निराशा” बताया। भाजपा नेताओं ने चुनाव आयोग और मतदाता सूची की प्रक्रिया का बचाव किया है।
इस बीच, INDIA गठबंधन के प्रस्तावित कार्यक्रमों से चुनाव आयोग, SIR और चुनावी प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस के और तेज होने की संभावना है।
