नई दिल्लीः जामिया मिल्लिया इस्लामिया का दौरा करने और प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात करने के बाद कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि विश्वविद्यालय की स्थिति बेहद गंभीर है।
उन्होंने कहा कि वह कल विश्वविद्यालय परिसर गए थे, जहां छात्र पिछले 12 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्रों की बात सुननी चाहिए, उनके निष्कासन का फैसला वापस लेना चाहिए और उनकी मांगों का समाधान करना चाहिए।
इमरान मसूद ने कहा कि चुनाव की तारीखों की घोषणा होते ही यह विरोध प्रदर्शन तुरंत समाप्त हो जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई नारे नहीं लगाए गए थे, बल्कि दीवारों पर केवल कुछ नारे लिखे गए थे।
उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने विश्वविद्यालय में स्पष्ट रूप से कहा था कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और वहां मौजूद सभी छात्रों ने इस बात का समर्थन किया।
