ईरान समर्थित यमनी हूतियों ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद पर अपने घातक हमलों को तेज कर दिया है। गुरुवार को शहर में धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जबकि उड़ानें प्रभावित हुईं और कुछ कार्यालय कर्मचारियों को घर से काम करने के लिए कहा गया।
हूतियों ने दावा किया कि उन्होंने रियाद एयरपोर्ट को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइल दागी है। उन्होंने यह धमकी भी दोहराई कि सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र को बंद करने के लिए दबाव बनाया जाएगा। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब सऊदी अरब ने यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन में कदम उठाए हैं और देश में गृहयुद्ध फिर से भड़क उठा है।
यह संघर्ष अब अमेरिका-ईरान युद्ध के विस्तार के रूप में क्षेत्र में नई अराजकता पैदा कर रहा है। इससे अन्य देशों के भी इस लंबे और कठिन संघर्ष में शामिल होने का खतरा बढ़ गया है। इसी बीच सीरिया भी सऊदी अरब की सहायता के लिए सैनिक भेजने पर विचार कर रहा है।
सऊदी अरब ने अपने सहयोगी देशों से समर्थन मांगा है, जिनमें तुर्की और पाकिस्तान शामिल हैं। सऊदी अधिकारियों के अनुसार, यह सहायता रसद या रक्षात्मक प्रकृति की भी हो सकती है। सऊदी अरब का उद्देश्य दक्षिण-पश्चिमी यमन में लाल सागर के दक्षिणी प्रवेश द्वार के निकट हूतियों की बढ़त को रोकना है।
इन अनुरोधों की आवश्यकता तब और बढ़ गई जब सऊदी अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि इस सप्ताह रियाद एयरपोर्ट और दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र के अबहा एयरपोर्ट पर हुए हमलों में तीन लोगों की मौत हुई है।
भारत ने सऊदी अरब की राजधानी रियाज पर हुए हमलों की निंदा की।
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता द्वारा जारी बयान के अनुसार भारत ने रियाज पर हुए हमलों की निंदा की,विदेश मंत्रालय की अधिकारिक वेबसाईट के अनुसार भारत ने आभा और रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाकर किए गए हमलों की कड़ी निंदा की है। इन हमलों में नागरिकों की मौत और कई लोगों के घायल होने की खबर है।
भारत ने कहा कि नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना पूरी तरह अस्वीकार्य है।
भारत ने हमलों में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
भारत ने कहा कि वह सऊदी अरब की जनता और सरकार के साथ एकजुटता से खड़ा है।
