ईरान और अमेरिका के मध्य जारी संघर्ष के बीच क्षेत्र में तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज़ में एक तेल टैंकर पर हमले की खबर के बाद क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है।
ब्रिटेन की यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने बताया कि शुक्रवार को होर्मुज़ में एक टैंकर को एक अज्ञात प्रक्षेप्य ने निशाना बनाया, जिसके बाद जहाज में आग लग गई। बाद में आग पर काबू पा लिया गया और चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित बताए गए। हालांकि, घटना के पर्यावरणीय प्रभाव की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
इसी बीच, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने टोगो के झंडे वाले तेल टैंकर ‘ट्रेंड’ (Trend) को निशाना बनाया और उसे रोक लिया। ईरानी पक्ष के अनुसार, जहाज ने होर्मुज़ में“अवैध रूप से” गुजरने का प्रयास किया था और इसी दौरान उसमें आग लग गई।
हालांकि, अभी यह स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है कि ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स द्वारा बताए गए ‘ट्रेंड’ और UKMTO द्वारा रिपोर्ट किए गए टैंकर से जुड़ी घटना एक ही है या अलग-अलग घटनाएं हैं।
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर अगले कदम पर एक “बड़ा फैसला” किए जाने के संकेत दिए हैं। अमेरिकी प्रशासन की ओर से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को लेकर विकल्पों पर विचार किए जाने की खबरों के बीच क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
होर्मुज़ में बढ़ते तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार पर भी पड़ रहा है। रॉयटर्स के अनुसार, गुरुवार को केवल चार कमोडिटी जहाज इस जलमार्ग से गुजरे, जबकि पिछले 10 दिनों का औसत लगभग 16 जहाज प्रतिदिन था। यह जलडमरूमध्य वैश्विक तेल और गैस व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है।
ताजा घटनाक्रम ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष आगे और व्यापक सैन्य टकराव का रूप ले सकता है, या कूटनीतिक प्रयास तनाव को नियंत्रित करने में सफल होंगे।
स्रोत:रॉयटर्स+एजेंसियां
