अक्टूबर 28, 2026
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संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में दुनिया के नेताओं ने क्या कहा

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र की शुरुआत के साथ दुनिया भर के राष्ट्राध्यक्ष और शासनाध्यक्ष न्यूयॉर्क में एकत्र हुए हैं। इस वर्ष की आम बहस ऐसे समय हो रही है, जब दुनिया कई गंभीर संकटों और तेजी से हो रहे बदलावों का सामना कर रही है।

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र की शुरुआत के साथ दुनिया भर के राष्ट्राध्यक्ष और शासनाध्यक्ष न्यूयॉर्क में एकत्र हुए हैं। इस वर्ष की आम बहस ऐसे समय हो रही है, जब दुनिया कई गंभीर संकटों और तेजी से हो रहे बदलावों का सामना कर रही है।

इस सत्र की थीम “विश्वास बहाल करना, बदलाव का प्रबंधन करना: ऐसी संयुक्त राष्ट्र व्यवस्था जो सभी के लिए काम करे” रखी गई है। विभिन्न देशों के नेता संयुक्त राष्ट्र के मंच से अपनी प्राथमिकताओं और वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए अपने दृष्टिकोण प्रस्तुत करेंगे।

बहस के दौरान युद्ध और मानवीय संकटों के साथ-साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), जलवायु परिवर्तन, सतत विकास और वैश्विक आर्थिक मजबूती जैसे मुद्दे भी प्रमुखता से उठाए जाने की उम्मीद है।

बढ़ते अंतरराष्ट्रीय मतभेदों के बीच इस सत्र में बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने और वैश्विक समस्याओं के साझा समाधान तलाशने पर विशेष जोर रहने की संभावना है।
इस अधिवेशन में एक ओर दुनिया भर के राष्ट्र प्रमुखों या उनके प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखी वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति ने कुछ ऐसा कहा जिसने दुनियां में एक हलचल पैदा कर दी।
ट्रंप ने कहा, खतरे को नजरअंदाज करना उचित नहीं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा कि खतरों को कम करके आंकना उचित नहीं है और समस्याओं को बढ़ने देना भी सही नहीं, क्योंकि बाद में उनका समाधान करना अधिक कठिन हो जाता है।

ट्रंप ने कहा कि दुनिया में बहुत से लोग केवल भाषण देने तक सीमित रहते हैं, जबकि उनका विश्वास कार्रवाई करने में है।

जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला ने कहा कि जब बात इज़राइल की होती है तो सारे अंतरराष्ट्रीय फैसले काग़ज़ पर सियाही के अलावा कुछ भी होते
फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल मैक्रॉन ने कहा किफ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अफ्रीका में लगातार बढ़ रहे संकटों से निपटने में संयुक्त राष्ट्र की भूमिका को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि महाद्वीप में एक के बाद एक सामने आ रहे संकटों का अब तक प्रभावी समाधान नहीं हो सका है और इसके लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की सामूहिक जिम्मेदारी बनती है।

मैक्रों ने कहा कि अफ्रीका में चलाए जा रहे शांति अभियानों को अधिक प्रभावी बनाने की जरूरत है। इसके लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने के साथ-साथ अमेरिका और संबंधित देशों के साथ बेहतर समन्वय जरूरी है।

उन्होंने बताया कि अफ्रीकी संघ के शांति कोष (African Union Peace Fund) के लिए धन जुटाने के उद्देश्य से नवंबर में पेरिस में एक बैठक आयोजित की जाएगी। मैक्रों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस कोष को मजबूत करने के लिए सहयोग और समर्थन देने की अपील की।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल विकसित करने की वैश्विक प्रतिस्पर्धा तेज हो गई है। उन्होंने कहा कि एआई का भविष्य केवल अमेरिका और चीन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें दुनिया के अन्य देशों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होनी चाहिए।

मैक्रों ने देशों से एआई तकनीक में अधिक निवेश करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि फ्रांस को अपने प्रतिस्पर्धी अत्याधुनिक एआई मॉडल पर गर्व है और इस क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को और बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने कहा कि किसी भी देश को किसी बड़ी शक्ति पर निर्भर नहीं होना चाहिए। उनके अनुसार, विभिन्न देशों को मिलकर अपनी कंप्यूटिंग क्षमता का उपयोग करते हुए एक ओपन-सोर्स अत्याधुनिक एआई मॉडल विकसित करने की दिशा में काम करना चाहिए।

फिलिस्तीनियों का अस्तित्व इजराइल की सुरक्षा के लिए भी जरूरी

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कहा कि फिलिस्तीनियों के अपने अस्तित्व के वैध अधिकार को स्वीकार करना क्षेत्रीय सुरक्षा की बुनियादी शर्त है। उन्होंने कहा कि इसमें इजराइल की सुरक्षा भी शामिल है।

मैक्रों ने कहा कि जो लोग इजराइल की सुरक्षा के नाम पर उसके सभी पड़ोसी देशों की संप्रभुता के उल्लंघन को आवश्यक मानते हैं, वे वास्तव में इजराइल की सुरक्षा को कमजोर कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाइयां न केवल मौजूदा समय में, बल्कि भविष्य में भी इजराइल की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करेंगी।

एर्दोगन ने गाजा और वेस्ट बैंक में इजराइली कार्रवाई की आलोचना की

तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के दौरान गाजा और अधिकृत वेस्ट बैंक में इजराइल की कार्रवाइयों की कड़ी आलोचना की।

एर्दोगन ने गाजा में जारी युद्ध और वेस्ट बैंक में इजराइली बस्तियों से जुड़े हमलों का मुद्दा उठाते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान वहां की स्थिति की ओर आकर्षित किया।

उनके संबोधन के दौरान इजराइली प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने सभा से बाहर निकलने का फैसला किया, जबकि फिलिस्तीनी प्रतिनिधियों ने एर्दोगन के भाषण पर तालियां बजाईं।

तुर्की के राष्ट्रपति ने गाजा में जारी संघर्ष और वेस्ट बैंक में बढ़ती हिंसा पर चिंता व्यक्त करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।

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Nahda Staff, Nahda Network की संपादकीय टीम का प्रतिनिधित्व करता है। इस अकाउंट के माध्यम से संस्थान के संपादकीय डेस्क द्वारा तैयार, संपादित और प्रकाशित समाचार, रिपोर्ट तथा अन्य सूचनात्मक सामग्री प्रस्तुत की जाती है।

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